सहकार भारती- सहकार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एक आनुसांगिक संगठन है। यह पंजीकृत अशासकीय संस्था है। सन्1978 में गणेश चतुर्थी के दिन पुणे में सहकार-भारती की स्थापना की गई थी। सहकारिता के आंदोलन को जनकल्याणकारी स्वरूप देकर और अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से 11 जनवरी 1978 को मुम्बई (महाराष्ट्र) में "सहकार भारती" नामक सामाजिक संस्था की स्थापना हुई और 11 जनवरी 1979 को कार्य आरम्भ हुआ।
इसके संस्थापक अध्यक्ष स्व. माधवराव गोडबोले थे,जिन्होने सन 1935 में सांगली में जनता सहकारी बैंक की शुरुआत की थी। श्री सतीश मराठे सहकारिता क्षेत्र में एक गैर सरकारी संगठन सहकार भारती के संस्थापक सदस्य हैं। वह सहकारी क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान करने के लिए भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत एक फाउंडेशन, सेंटर फॉर स्टडीज एंड रिसर्च इन को-ऑपरेशन के संस्थापक निदेशक हैं।सहकार-भारती उत्पादक, वितरक और ग्राहक के सम्बन्धों का समन्वय कर सहकारिता के द्वारा अर्थशासन को पुष्ट करने के लिए बनायी गयी संस्था।
सहकार भारती बिहार, की आधिकारिक वेबसाइट पर आपका स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। सहकारिता आंदोलन सदैव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन करने तथा समावेशी विकास सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम रहा है। बिहार कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्यम एवं सामुदायिक विकास की अपार संभावनाओं वाला राज्य है, और सहकारिता इस परिवर्तन की प्रमुख शक्ति बन सकती है।
सहकार भारती बिहार पारदर्शिता, सहभागिता, नवाचार एवं सतत विकास पर आधारित सशक्त सहकारी व्यवस्था के निर्माण हेतु प्रतिबद्ध है। पारंपरिक सहकारी गतिविधियों के साथ-साथ हम क्षमता निर्माण, उद्यमिता विकास, डिजिटल जागरूकता, बाजार संपर्क, वित्तीय समावेशन तथा युवाओं की सहभागिता को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं।
यह वेबसाइट सहकारी संस्थाओं, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, पेशेवरों एवं आम नागरिकों को एक डिजिटल मंच प्रदान करेगी, जहाँ वे सहकारिता से संबंधित गतिविधियों, प्रशिक्षणों, आयोजनों, प्रकाशनों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
हमारा लक्ष्य है कि बिहार का प्रत्येक गाँव सहकारिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बने तथा किसानों एवं ग्रामीण समुदायों को बेहतर अवसर, आधुनिक तकनीक, बाजार एवं संस्थागत सहयोग प्राप्त हो।
मैं सभी सहकारी संस्थाओं, युवाओं, किसानों एवं समाज के सभी वर्गों से आह्वान करता हूँ कि वे सहकार भारती बिहार के इस अभियान से जुड़ें और एक समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं सहकार आधारित बिहार के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
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