सहकार भारती बिहार

बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार

सामान्यतया पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)


सहकार भारती की स्थापना वर्ष 1978 में सहकारिता आंदोलन को जन-आधारित, स्वावलंबी एवं राष्ट्रहितकारी बनाने के उद्देश्य से की गई थी। संगठन का ध्येय “बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार” है।
“बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार”
सहकार भारती एक राष्ट्रीय सहकारिता संगठन है, जो देशभर में सहकारी संस्थाओं, किसानों, दुग्ध समितियों, PACS, महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए कार्य करता है। यह संगठन सहकारिता के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा देता है।
  • संगठन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं :
  • • सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाना
  • • ग्रामीण एवं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करना
  • • सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता एवं सुशासन को बढ़ावा देना
  • • किसानों, महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना
  • • “सहकार से समृद्धि” के लक्ष्य को जन-जन तक पहुंचाना
  • • भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों पर आधारित सहकारिता मॉडल विकसित करना
  • सहकार भारती विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करती है, जैसे :
  • • कृषि एवं किसान विकास
  • • दुग्ध एवं पशुपालन सहकारिता
  • • मत्स्य एवं ग्रामीण उद्योग
  • • महिला एवं युवा सशक्तिकरण
  • • PACS एवं बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां
  • • प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास
  • • डिजिटल एवं आधुनिक सहकारिता प्रबंधन
संगठन सहकारी संस्थाओं, किसानों और ग्रामीण समुदायों के बीच जागरूकता, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं संगठनात्मक सहयोग के माध्यम से कार्य करता है। इसका उद्देश्य सहकारिता को केवल आर्थिक गतिविधि नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाना है।
सहकार भारती का विजन एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध भारत का निर्माण करना है, जहां सहकारिता के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को विकास के अवसर प्राप्त हों तथा गांव, किसान और श्रमिक आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
  • संगठन निम्नलिखित सहकारिता सिद्धांतों पर कार्य करता है :
  • 1. स्वैच्छिक एवं खुली सदस्यता
  • 2. लोकतांत्रिक प्रबंधन
  • 3. सदस्य सहभागिता एवं उत्तरदायित्व
  • 4. स्वावलंबन एवं आत्मनिर्भरता
  • 5. शिक्षा, प्रशिक्षण एवं जागरूकता
  • 6. सहकारी संस्थाओं के बीच सहयोग
  • 7. समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण
संगठन समय-समय पर सहकारी समितियों, PACS, FPO, महिला समूहों, किसानों एवं युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सेमिनार एवं अध्ययन भ्रमण आयोजित करता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नेतृत्व विकास, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल सशक्तिकरण एवं आधुनिक सहकारिता प्रणाली की जानकारी प्रदान करना है।
कोई भी सहकारी संस्था, किसान, युवा, महिला समूह, उद्यमी या सहकारिता में रुचि रखने वाला व्यक्ति सहकार भारती की स्थानीय, जिला, प्रांत या राष्ट्रीय इकाइयों से संपर्क कर संगठन की गतिविधियों से जुड़ सकता है।
“सहकार से समृद्धि, स्वावलंबन से सशक्त भारत”
“बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार”